Love Shayari

Best Love Shayari in Hindi and English Font: If you want to get the best love Shayari and share it with your friends then we are providing the latest collection of Shayari for love like best love Shayari, latest love Shayari, Hindi love Shayari, two-line love Shayari, love and love status. I hope you liked this Hindi Sad Shayari collection. Shayari is a type of stave, which enables a person to express their deepest feelings from the base of the heart through words. You will find all the latest and updated collections of best love Shayari in Hindi. See also our updated sad Shayari and yad Shayari.

Love Shayari in Hindi

ये कहना था उन से मोहब्बत है मुझ को
ये कहने में मुझ को ज़माने लगे हैं
– ख़ुमार बाराबंकवी


ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने
बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला
– बशीर बद्र


सच है एहसान का भी बोझ बहुत होता है
चार फूलों से दबी जाती है तुर्बत मेरी
– जलील मानिकपूरी


Love Shayari

यूं ज़िंदगी गुज़ार रहा हूँ तिरे बग़ैर
जैसे कोई गुनाह किए जा रहा हूँ मैं
– जिगर मुरादाबादी


मैं तो था बिखरा हुआ साहिल की पीली रेत पर
और दरिया में था नीला आसमाँ डूबा हुआ
– आदिल मंसूरी


डूब जाता है दमकता हुआ सूरज लेकिन
मेहंदियाँ शाम के हाथों में रचा देता है
– शहज़ाद अहमद


कुछ आँख बंद होते ही आँखें सी खुल गईं
जी इक बला-ए-जान था अच्छा हुआ गया
– मोमिन ख़ाँ मोमिन


हमारे गाँव की मिट्टी ही रेत जैसी थी
ये एक रात का सैलाब तो बहाना हुआ
– क़ैसर-उल जाफ़री


उड़ती हुई पतंग के मानिंद मैं भी हूँ
मज़बूत एक डोर से लेकिन बँधा हुआ
– हसन निज़ामी


तू फिर क्यूँ लौट कर हर बार आ जाती हैं साहिल पर
अगर इन कश्तियों को उम्र भर पानी में रहना है
– ख़ुशबीर सिंह शाद


Shayari Love

हासिल हुआ बुतों से न आशिक़ को मुद्दआ
रौशन कभी न दैर में घी के दिए हुए
– रिन्द लखनवी


जब से पहरा ज़ब्त का है आँसुओं की फ़स्ल पर
हो गईं मुहताज आँखें दाने दाने के लिए
– हफ़ीज़ जालंधरी


आह दी सीने में आतिश कौन सी बे-दर्द ने
दिल से ले कर मुँह तलक उमडा हुआ इक दर्द है
– संतोख राय बेताब


बुत को देखा तो बुत हुआ ‘ख़ालिद’
जी में था देख कर गुज़र जाऊँ
– ख़ालिद अहमद


कोई भी सूरत-ए-अहवाल को न जानेगा
जो दिल की बात है दिल में रखो हुआ सो हुआ
– प्रेम कुमार नज़र


बुतों से कुछ न हुआ जो हुआ ख़ुदा से हुआ
दवा से कुछ न बना जो हुआ दुआ से हुआ
– ख़ालिद हसन क़ादिरी


तराशी जा चुकी उम्मीद की लौ
दिया जलता हुआ बाती नहीं है
– फ़रहत एहसास


मशीनी दौर के आज़ार से हुआ साबित
कि आदमी का मलाल आदमी से दूरी था
– अकबर हैदराबादी


अजीब बात हमारा ही ख़ूँ हुआ पानी
हमीं ने आग में अपने बदन भिगोए थे
– ग़ज़नफ़र


जो न समझे वो बनाते रहे लाखों बातें
हुआ ख़ामोश तिरी बात समझने वाला
– क़मर जलालाबादी


Also Like More:-

Leave a Comment